सायबर अपराध से सुरक्षा हेतु पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय द्वारा ली गयी बैंक अधिकारियों की बैठक

आये दिन बैकिंग एवं एटीएम सम्बंधी फ्राड एवं ऑन लाईन धोखाधडी, सायबर अपराध की घटनायें हो रही है जिसे ध्यान मे रखते हुये हो रही इस प्रकार की सायबर अपराध की घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु तथा जबलपुर वासियों को सायबर अपराध से सुरक्षित रखने हेतु आज दिनॉक 23-7-26 के पुलिस कन्ट्रोल रूम में पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध श्री जितेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-2 सुश्री पल्लवी शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्री सूर्यकांत शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री अखिलेश तिवारी की उपस्थिति में बैंक अधिकारियों की एक बैठक ली गयी ।
बैठक मे नगर पुलिस पुलिस अधीक्षक बरगी/उपुअ सायबर सेल श्री अंजुल अयंक मिश्रा, नगर पुलिस अधीक्षक कैंट /उपुअ अपराध श्री उदय भान बागरी, नगर पुलिस अधीक्षक रांझी श्री सतीष साहू एवं थाना प्रभारी तथा विभिन्न बैंकों के 130 बैंक अधिकारी उपस्थित रहे।

आपने बैठक में सभी का परिचय प्राप्त करते हुये कहा कि जबलपुर पुलिस द्वारा सायबर अपराध के सम्बंध में जागरूता हेतु स्कूल/कालेज शैक्षणिक संस्थानों, कालोनी, बस्ती, बाजार, बस स्टैण्ड आदि भीड़भाड़ वाली जगहों पर बैनर पोस्टर लगाते हुये सायबर अपराधों के बारे मे जानकारी देते हुये लगातार जागरूक किया जा रहा है।

सायबर से सुरक्षा हेतु जागरूक करने जिम्मेदारी पुलिस के साथ साथ आपकी भी है, यदि आप जागरूक रहेंगे एवं अपने खाताधारकों को जागरूक करेंगे तो सायबर से सुरक्षा सुदृढ रहेगी।

मनी लॉन्ड्रिंग, धोखाधड़ी और अवैध धन हस्तांतरण सहित वित्तीय अपराधों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला बैंक खाता म्यूल अकाउंट सम्बंधी जानकारी प्राप्त होती है तो तत्काल सम्बंधित थाने व सायबर सेल में सूचना दे।

अपने बैंक के खाताधारकों को वर्तमान मे भय/लालच देकर किये जा रहे ऑन लाईन फ्राड, के सम्बंध में जानकारी देते हुये जगरूक करें ताकि लोग ऑनलाईन फ्राड या सायबर अपराध का शिकार न हो सकें। किसी भी प्रकार की सायबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय सायबर हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर संपर्क करें सम्बंधित थाने में शिकायत दर्ज करे।

*पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) द्वारा संस्कारधानी वासियों से अपील की है कि डेबिट/क्रेडिट/एटीएम कार्ड, मोबाईल वॉलेट का उपयोग एवं नेट बैकिंग का कार्य करते समय सुरक्षा हेतु सजग रहते हुये धोखाधडी से बचा जा सकता है।*

👉 कोई भी बैंक या बैक अधिकारी व्यक्तिगत जानकरी जैसे बैंक खाता, एटीएम पिन, आधार कार्ड नम्बर, एटीएम कार्ड नम्बर आदि की जानकारी फोन के माध्यम से नहीं मांगता है, यह कॉल फर्जी हो सकते है।
👉 किसी भी अज्ञात लिंक, संदिग्ध संदेश, फर्जी क्यूआर कोड या अनजान कॉल पर भरोसा न करें।
👉 फर्जी ऑफर, इनाम, नौकरी या निवेश के नाम पर आने वाले संदेशों से सतर्क रहें।
👉 बिना सत्यापन किसी एप्लिकेशन को डाउनलोड न करें या मोबाइल स्क्रीन शेयर न करें।
👉 आपके मोबाईल नम्बर पर आये ओटीपी को किसी से साझा न करें। एटीएम पिन व पासवर्ड न तो किसी को बताये और न ही किसी को दिखाये।
👉 ‘‘खाता बंद हो जायेगा’’, ‘‘एटीएम बंद कर देंगे या ‘‘आधार कार्ड से आपके खाते को जोड़ना है, ऐसे कॉल्स पर भी अपनी बैंक संबंधी जानकारी न दें।
👉 यदि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा अनाधिकृत रूप से आपके खाते से पैसे का लेन-देन किया जाता है और आपको जानकारी होने उपरान्त आप तत्काल संबंधित बैंक के टोल फ्री नम्बर पर फोन करके एटीएम काड्र ब्लॉक करा सकते है।
👉 किसी संदिग्ध अथवा अविश्वसनीय कॉल, संदेश, लिंक, एपीके फाईल एवं शेयर मार्केट में अधिक रिटर्न के लुभावने विज्ञापन अथवा ऑनलाइन लेन-देन के झांसे में न आएं।
👉 किसी भी प्रकार की सायबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय सायबर हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर संपर्क करें अथवा वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करे।
उपरोक्त जानकारी अपने परिवार, मित्रों, रिश्तेदारों व अन्य लोगों से साझा करें, जिससे बैंक व एटीएम संबंधी हो रहे अपराधों से बचें व दूसरो को भी बचा सकें

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