*अपने आपको टास्क कम्पनी का अभिकर्ता बताकर कम्पनी में कार लगवाने के नाम पर नई कार फायनेंस करवाकर अनुबंध करके बेच देने वाले गिरोह के 3 आरोपी गिरफ्तार*

*👉विभिन्न कम्पनियों की 8 नयी कारें कीमती लगभग 1 करोड़ रूपये की जप्त*

थाना – ओमती अप क्रमांक 113/2024 धारा 420,406,409,120 बी 34 भा.द.वि.

*नाम पता गिरफ्तार आरोपी:-*
1-पंकज खत्री पिता लक्ष्मण दास उम्र 26 वर्ष निवासी मलवेरा हेवेन्स टावर के पास सूरत गुजरात
2-नवीन खत्री पिता लक्ष्मण दास उम्र 28 वर्ष निवासी राज अभिषेक सिटी होम्स सूरत गुजरात
3-पीयूष नायडू पिता आनंद नायडू उम्र 23 वर्ष निवासी झण्डा चौक बिलपुरा रोड रांझी

*फरार आरोपी -* अरुण मसीह, रेशु मसीह

*जप्ती-* 8 कारें कीमती एक करोड रुपये की।

*घटना विवरण:-* *पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री आदित्य प्रताप सिंह (भा.पु.से.)* से सतेन्द्र सिंह ठाकुर उम्र 36 वर्ष निवासी खाईपुरा हनुमानताल ने शिकायत की गयी कि पीयूष नायडू, अरुण मसीह, रेशु मसीह, पंकज खत्री तथा नवीन खत्री ने अपने आपको टास्क टास्क कंपनी का अभिकर्ता बताकर कंपनी मे कार लगाने के नाम पर किरायेनामे का अनुबंध कर उसकी तथा कई अन्य लोगो की कार लेकर अमानत में ख्यानत करते हुये हडप लियेे है। उसे जानकारी मिली है कि अरुण मसीह गाडी चोरी का कार्य करता था बाद मे चोरी की गाडियो का चेचिस नंबर बदल कर फायनेंस की कार को हडपता था इस तरह अरुण मसीह कार चोरी एवं धोखाधडी का पुराना शातिर अपराधी है जो नये लडको को रोजगार एवं नये व्यक्तियो को लाभ का लालच देकर नई कार फायनेंस करवाकर कूटरचित दस्तावेज अपने लडके रेसू मसीह के नाम से पीयूष नायडू, नवीन खत्री ओर पंकज खत्री के माध्यम से तैयार करवाता है ओर नई कार लेकर दो तीन महिने का किराया देता है ओर फिर नई कार गायब कर देता है पंकज खत्री यहॉ की कार को ले जाकर अन्य प्रदेश मे विक्रय करता है एवं कार मालिको के पूछने पर चोरी हो जाने का बहाना बता देते है । रेशू से कार के बारे मे पूछताछ करने पर रेशू धमकाता है।

*पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री आदित्य प्रताप सिंह (भा.पु.से.)* द्वारा शिकायत की जांच कर वैधानिक कार्यवाही किये जाने हेतु आदेशित किये जाने पर शिकायत की जांच की गयी जिस पर पाया गया कि सतेन्द्र सिंह ठाकुर ने पीयूष नायडू के साथ अनुबंध करके अपनी स्विफ्ट कार दी थी किन्तु पियूष नायडू पंकज खत्री, नवीन खत्री अरुण मसीह, रेशू मसीह ने उक्त कार सूरत मे किसी अन्य को बिक्रय कर दी है। इसी प्रकार मनोज सब्बरवाल की अर्टिका कार एवं डिजायर कार, रामेश्वर करोसिया की मारुति स्विफ्ट, सपना सिंह की स्विफ्ट कार, दिशा सिंह की होण्डा वेन्यू कृष्णपाल सिंह की मारुति डिजायर, रविन्द्र कुमार की फीगो एस प्रो, देवेन्द्र काछी की टाटा टिगोर, अमन सिंह की स्विफ्ट कार, शुभम करोसिया की स्विफ्ट डिजायर, राजेश मिश्रा की महिन्द्रा थार, संजय सिंह की डिजायर तथा बलेनो कार भी उपरोक्त सभी के द्वारा कम्पनी मे लगाने का अनुबंध कर छल करते हुये अमानत मे ख्यानत कर हडपना पाये जाने पर थाना ओमती मे अप क्रमांक 113/2024 धारा 420,406,409,120 बी 34 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

अति पुलिस अधीक्षक शहर सुश्री सोनाक्षी सक्सेना (भा.पु.से.) एवं नगर पुलिस अधीक्षक पंकज मिश्रा के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी अेमती श्री वीरेन्द्र सिंह पंवार के नेतृत्व मे टीम का गठित कर लगयी गयी।

गठित टीम द्वारा सूरत, अहमदाबाद में दबिश दी गयी जहॉ पतासाजी करते हुये आरोपी पंकज खत्री, पीयूष नाय़डू नवीन खत्री को अभिरक्षा में लेते हुए सूरत से एक अर्टिका कार, एक बलेनो कार, एक टाटा टिगोर कार जप्त कर आरोपियों को थाना ओमती लाया गया एवं मान्नीय न्यायालय के समक्ष पेश करते हुये आरोपियों का पांच दिवस का पुलिस रिमाण्ड प्राप्त कर पूछताछ करते हुये 3 स्विफ्ट डिजायर, एक हुण्डई क्रेटा, एक रिट्ज कार इस प्रकार कुल 08 नई कारे कीमती एक करोड़ रूपये की जप्त करते हुये फरार आरोपी अरुण मसीह, रेशू मसीह तथा अन्य की तलाश जारी है जिनसे ओर भी कारे बरामद किया जाना है ।

*तरीका वारदात:-* पीयूष नायडू, अरुण मसीह, रेशू मसीह, पंकजी खत्री, नवीन खत्री द्वारा अपने आपको टास्क टास्क कंपनी का अभिकर्ता बताकर कंपनी मे कार लगवाने के नाम पर नई कारें फायनेंस करवाकर, अनुवंध करके कार प्राप्त कर दो तीन महिने तक कार का किराया देने के पश्चात कार चोरी हो जाने का बताते हुये उक्त कारें किसी अन्य व्यक्ति को विक्रय कर देते थे।

*उल्लेखनीय भूमिका:-* आरोपियों को गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी ओमती श्री वीरेन्द्र सिह पवार, उप निरीक्षक रजनीश मिश्रा उप निरीक्षक श्रीराम सनोडिया, उप निरीक्षक प्रसंसा टाण्डिया, सहायक उप निरीक्षक राजेश मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक सुधीर पटैल, प्रधान आरक्षक रामजी पाण्डेय, आरक्षक शैलेन्द्र शुक्ला नीतेश शुक्ला, कृष्णा, कुन्तल, शिव सिंह बघेल, पंक़ज कौरव तथा सायबर सेल के प्रधान आरक्षक अमित पटेल, आरक्षक दुर्गेश दुबे, जितेन्द्र राउत की सराहनीय भूमिका रही।

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